व्यायाम से पहले सप्लिमेंट्स - आदत या निर्भरता?

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व्यायाम से पहले सप्लिमेंट्स लेना अपनी-अपनी पसंद होती है ताकि वे जिम में लाभ उठा सके। पर क्या आप सप्लिमेंट्स पर इसलिए निर्भर है क्योंकि इसके बगैर आप व्यायाम नहीं कर पाते हैं या फिर आप इसके इतने आदि हो चुकें है कि बिना सप्लिमेंट के आपका जीवन कठिन हो जाता है

यह एक ठंडी सुबह  है और आप बिस्तर  से उठते वक्त कांप रहे हैं। तब आप शेकर में अपनी पसंदीदा प्री-वर्कआउट सप्लिमेंट को डालते है। अपने नजदीकी जिम में जाते वक्त उसकी चुसकी लेते हुए जिम पहुंचते है। फिर यह अचानक काम करना शुरू करता है  और आप ताजा महसूस करते है। अब आप ईश्वर की भांती इतना शक्तिशाली महसूस करते है मानो आप शेर के साथ कुश्ती लड़ने या रॉकेट के साथ दौड़ने को आतुर है! शांत युवा योद्धा!  प्री वर्कआउट सप्लिमेंट पर अति निर्भरता कोई मिथ नहीं है, हम विश्वास के  साथ कह सकते हैं कि इसके कई गंभीर कुप्रभाव भी है अगर इसका इस्तेमाल लागातार अधिक मात्रा में होता रहा तो। 

प्री वर्कआउट सप्लिमेंट क्या है?

प्री वर्कआउट सप्लिमेंट ऐसे वैज्ञानिक तत्व से बने होते हैं जो आपको शारीरिक और मानसिक पौष्टिकता देता है। फिर भी ये वैज्ञानिक तत्व कैफिन पर केंद्रीत रहते हैं। कैफिन एक शक्तिशाली उतप्रेरक है जिसके ध्यानपूर्वक उपयोग के बाद ना केवल मोटापा कम होता है बल्कि एक मानसिक बढ़त देता है जो की जिम जानेवाले को लिए बहुत जरूरी है। फिर भी यहां एक किकर है। प्री वर्कआउट सप्लिमेंट का गलत इस्तेमाल इतना जोखिम से भरा होता है कि अब सप्लिमेंट वाले भी बताने लगे है कि इसके अधिक सेवन से कई गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते है। दरअसल सप्लिमेंट वर्किग क्लास और जिम जाने वाले लोगों की ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने का एक माध्यम है। फिर भी कुछ ऐसे अच्छे प्री वर्कआउट सप्लिमेंट है जो जरूरी पोष्टिक तत्वों से बने होते हैं।   
-    साइट्रुलिन, अर्गैनिन या एगमैटाइन- यह ऐसे जरूरी तत्व हैं जो आपको जिम में आवश्यक वैसोडायलेटेशन और पंप देता है।
-    कैफिन या कैफिन के अलग-अलग प्रकार- आवश्यक न्युस्टिमुलैंट जिसकी जरूरत आपको एम्प-अप करने के लिए होती है। 
-    बी-विटामिन्स-यह प्राकृतिक रुप  से आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ाती है।
-    क्रियटिन- अपने शरीर में ऊर्जा और एटीपी बढ़ाने में आवश्यक होती है।

यह जरूरी नहीं है की एक भारीभड़कंप लिस्ट देखना पड़े पर हॉ आपके प्री-वर्कआउट सप्लिमेंट में इन तत्वों पर केंद्रित रसायन मौजूद हो|

प्री-वर्कआउट सप्लिमेंट

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प्री वर्कआउट सपल्मेंट्स के साथ समस्या क्या है?

दरअसल सबसे बड़ी समस्या यह कि इसमें ऐसे तत्व है जिसकी आपको लत लग जाती है और इसमें इसे सेवन करनेवाले की कोई गलती नहीं होती है। यह वैसे ही काम करता है जैसे विकिंग्स डाकू डाका डालने से पहले शराब और हैलुसिनोजेन्स पीते हैं। इसलिए यह इनसान की फितरत है कि वह उस ओर झुकाओ रखता है  जो उसे किसी काम को करने में बढ़ावा दे। इसलिए वास्तव में स्टेरोइड्स का अस्तित्व बना हुआ है। 

प्री वर्कआउट पर निर्भरता इसी लिए बना हुआ है क्योंकि हमें उसी तरह की उत्प्रेरक की जरूरत होती है। इसी लत ऐसी होती है कि शुरू में कुछ प्रोड्क्ट का आधा स्कूप लेते हैं फिर 3 स्कूप लेने लगते हैं। इसके अलावा हम इन प्रोड्क्टस को आदत बना लेते हैं, हमे लगता है  कि इसके अधिक इस्तेमाल से हमारा जिम में प्रदर्शन बेहतर हो  जाएगा। इन प्रोड्क्टस से दूरी बना ले इसी में भलाई है लेकिन समस्या यह है कि आपको लगता है  कि इनके सेवन से जिम में आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि असल शक्ति आपके दिमाग में है जिसकी वजह से आप प्रदर्शन कर रहे हैं तभी व्यायाम का सम्बंध मस्तिष्क से बना हुआ है।

इसके कुप्रभाव क्या हैं?

 चूंकि ज्यादातर प्री वर्कआउट सप्लिमेंट में कैफिन मौजूद होती है, इसलिए यह आपके सेंट्रल नर्व सिस्टम (सीएनएस) को लघु अवधी या दीर्घ अवधी के लिए नुकसान पहुंचा सकते है। जब आप ज्यादा प्री वर्कआउट सप्लिमेंट के एडिक्टेड हैं तब सीएनएस बढ़ जाता है जिससे इसे नुकसान पंहुचने का खतरा बहुत अधिक होता है।  दूसरे कुप्रभाव में दिल की धड़कने बढ़ जाना, घबराहट होना, अनियंत्रित पसीने आना, अनिंद्रा और दूसरे समस्याएं हैं जिसकी वजह से अस्पताल जाना भी पड़ सकता है। हमें पता है हमारी बाते अतिश्योक्ति लग रही होगी पर पहले से जानकारी रखना जरूरी है। पर यहां यह समझना भी जरूरी है कि यह तभी नुकसान करता है जब आप इसके खुराक की मात्रा से छेड़छाड़ करते हैं।

टिप: आप प्री वर्कआउट सप्लिमेंट ले लेकिन सोने के 4 घंटे पहले और हॉ यह भी ध्यान रहे कि इसमें कैफिन की मात्रा अधिक ना हो। 

प्री वर्कआउट पर निर्भरता

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इसकी दिवानगी को कैसे रोकें?

तो आप समझ गए होंगे कि प्री वर्कआउट सप्लिमेंट का अधिक मात्रा में सेवन करने से सेहत पर कोई सकरात्मक प्रभाव नहीं पड़ता बल्कि आप यह बात ज्यादा बेहतर तरीके से समझ चुंके होंगे कि इसके कुप्रभाव कितने खतरनाक है। अगर आप उन लोगों में से एक है जिसका इसके बगैर दिन का काम नहीं हो सकता तो हम आपको सलाह देंगे कि आप धीरे-धीरे इसका सेवन कम कर दें। अर्थात अगर आप 3 स्कूप सेवन करते है तो इसे एक सप्ताह के लिए 2 स्कूप कर दें फिर इसे घटाकर 1 स्कूप कर दें फिर अंतत: पूर्णरूप से बंद कर दें।

दिमागी रूप से स्वस्थ व्यक्ति जो प्री वर्कआउट सप्लिमेंट पर निर्भता की लत को धीरे-धीरे कम करना चाहता है उन्हें हम बता दें कि यह आसान है, और इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है। अगर अभी आप कोई अच्छा प्री वर्कआउट सप्लिमेंट ले रहे हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित कार्य करने होंगे: 

·    आप प्री वर्कआउट सप्लिमेंट उतनी ही  मात्रा में सेवन करे जितनी मात्रा आपको बताई गई हो।
·    जब आपका सप्लिमेंट समाप्त हो जाता है तब आप स्टिमुलेंट डिटौक्स पर चले जाते है। इसका मतलब केवल यह नहीं है कि आपने प्री वर्कआउट सप्लिमेंट छोड़  दिया है तो काम हो जाएगा बल्कि आपको चाय, कॉफी, ऐरेटेड पेय पदार्थ जिनमें की कैफिन और दूसरे रसायणों की मात्रा होती है को छोड़ना होगा। इसे आप 2 सप्ताह के लिए करें।
·    फिर आप प्री वर्कआउट शुरू करें

वर्कआउट सप्लिमेंट

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इस डिटोक्स को करने से ना केवल आपके सीएनएस को नया जीवन मिलता है बल्कि आपको हमेशा प्री वर्काउट सप्लिमेंट को छोड़ने का मन करेगा। वे लोग जो प्री वर्कआउट को पूरी तरह से छोड़ना चाहतें हैं उनके लिए एक सस्ता और प्राकृतिक विकल्प है। यहां हम आपके लिए साधारण और प्रभावी प्री वर्कआउट सप्लिमेंट के विकल्प लाएं है:

·    1 सकूप अपनी पसंदिदा व्हे प्रोटीन 
·    1 पका केला
·    2 चम्मच कॉफी

वैक्लपिक: एक मुट्ठी ओट्स (एक्टोमोर्फ्स के लिए बहुत जरूरी)

इसे आप जिम  जाने के 40 मिनट पहले लें। सारांश में हम आपको बता दें कि इसका काला पक्ष यह  है  कि  प्री वर्कआउट सप्लिमेंट के संदर्भ में ऑपरेटिव वर्ड्स अधिक इस्तेमाल किए गए है। विटामिन सी की अधिक मात्रा भी आपकी जान  ले सकती है। इसलिए यह स्पष्ट है कि अगर आपको डिटोक्स स्टिमुलेंट और एक अंतराल के बीच अंतर रखना आता है तो आप प्री वर्कआउट सप्लिमेंट का सेवन बिना किसी कुप्रभाव के कर सकते है।

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