क्या आपने कभी ऐसा महसूस किआ है कि आपका शरीर बहार से बिलकुल सामान्य होता है लेकिन अंदर से जलन, गर्मी, और बेचैनी महसूस होती है। ना तो थर्मामीटर पर ज़्यादा तापमान दिखता है और ना ही ठंड लगती है, फिर भी आप खुद को अस्वस्थ महसूस करते हैं। इस स्थिति को आम भाषा में अंदरूनी बुखार कहा जाता है।
लेकिन सवाल यह है कि अंदरूनी बुखार क्यों होता है, इसके पीछे क्या कारण होते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इससे राहत कैसे पाई जा सकती है? इस सब की चर्चा हमने इस लेख में विस्तारित की है।
अंदरूनी बुखार क्या होता है?
अंदरूनी बुखार कोई मेडिकल टर्म नहीं है, बल्कि यह एक आम अनुभव है जिसमें आपके शरीर के अंदर असामान्य गर्मी, जलन या थकावट महसूस होती है। इसमें आपके शरीर का तापमान ज़्यादा नहीं बढ़ता, लेकिन मेटाबॉलिज़्म और आंतरिक सिस्टम पर असर पड़ता है।
अंदरूनी बुखार क्यों होता है?
अंदरूनी बुखार होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। इसमें कई शारीरिक और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण हो सकते हैं जो यहाँ सूचीबद्ध हैं:
अंदरूनी बुखार क्यों होता है?
अंदरूनी बुखार होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। इसमें कई शारीरिक और लाइफस्टाइल से जुड़े कारण हो सकते हैं जो यहाँ सूचीबद्ध हैं:
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
- पाचन तंत्र की गड़बड़ी
- ज़्यादा मसालेदार, तली-भुनी या जंक फूड का सेवन
- लंबे समय तक तनाव और मानसिक थकान
- नींद की कमी
- हार्मोनल असंतुलन
- संक्रमण (वायरल या बैक्टीरियल)
- लिवर या पेट से जुड़ी समस्याएँ
- ज़्यादा गर्म मौसम में शरीर की सही देखभाल न होना
इन कारणों से शरीर के अंदर सूजन और गर्मी बढ़ जाती है, जिससे अंदरूनी बुखार जैसी स्थिति बनती है।
अंदरूनी बुखार के लक्षण
अंदरूनी बुखार के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें ये शामिल हैं:
- शरीर के अंदर जलन या गर्मी महसूस होना
- अत्यधिक थकान और कमज़ोरी
- सिर भारी या दर्द रहना
- मुंह सूखना और बार-बार प्यास लगना
- जी मिचलाना या अपच
- आंखों में जलन
- बेचैनी और नींद न आना
- त्वचा का रूखा या गर्म लगना
अगर ये सभी लक्षण आपके शरीर में लगातार बने रहें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
अंदरूनी बुखार के घरेलू उपाय
अगर समस्या गंभीर नहीं है, तो अंदरूनी बुखार के घरेलू उपाय काफी हद तक राहत दे सकते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि अंदरूनी बुखार कैसे ठीक करें तो आप ये उपाय आप अपना सकते हैं:
- दिनभर में 8-10 गिलास पानी ज़रूर पिएं। नारियल पानी, बेल का शरबत और नींबू पानी भी फायदेमंद होते हैं।
- ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ लें जैसे दही, खीरा, तरबूज, ककड़ी, और सत्तू का शरबत
- मसालेदार भोजन से परहेज़ करें क्योंकि तेल, मिर्च और फास्ट फूड अंदरूनी गर्मी को और बढ़ा सकते हैं।
- रात में धनिया या सौंफ भिगोकर सुबह उसका पानी पीने से शरीर ठंडा रहता है।
- नींद की कमी अंदरूनी बुखार को बढ़ा सकती है, इसलिए 7-8 घंटे की नींद ज़रूरी है।
अगर बुखार या जलन कई दिनों तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराएं। कई बार अंदरूनी बुखार किसी छुपी हुई बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लगातार लक्षण दिखें तो मेडिकल सलाह ज़रूरी है।
किन स्थितियों में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि आपको लगता है आपको डॉक्टर से मश्वरा लेना चाहिए तो इन स्थितयों में उनसे अवश्य मिलें:
- 3-4 दिनों तक आराम न मिले
- तेज़ कमज़ोरी या चक्कर
- उल्टी या दस्त
- अचानक वज़न गिरना
- बार-बार अंदरूनी बुखार की शिकायत
निष्कर्ष
अंदरूनी बुखार एक आम लेकिन नज़रअंदाज़ की जाने वाली समस्या है। सही खान-पान, पर्याप्त पानी, आराम और तनाव-मुक्त जीवनशैली से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप समय रहते इसके कारणों को समझ लें और सही उपाय अपनाएं, तो बड़ी समस्या बनने से पहले ही इसे रोका जा सकता है।
अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप अपना स्वास्थ्य सुधार सकते हैं।
