आईसोटॉनिक ड्रिंक्स के स्वास्थ्य लाभ

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व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करने के दौरान शरीर से पसीने के माध्यम से अत्यधिक पानी निकलना सामान्य बात है, लेकिन क्या ऐसा कोई तरीका है जिससे की खोये हुए पानी की भरपायी बिना ज्यादा प्रयत्न के की जा सके?

किसी भी प्रकार का व्यायाम या शारीरिक गतिविधि आपके हृदय, वजन कम करने में और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है पर साथ ही इससे एक बार में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है। हालांकि शरीर से पसीना निकलना स्वास्थ के लिए अच्छा होता है, इससे शरीर का तापमान नियंत्रण में रहता है लेकिन कभी-कभी इसकी वजह से शरीर में जरूरी नेचुरल मिनरल्स की कमी हो जाती है जिसकी वजह से डी-हाईड्रेशन और हृदयघात होने का खतरा बढ़ जाता है। 

आईसोटॉनिक ड्रिंक उन प्राकृतिक पौष्टिक तत्वों का पॉवरहाऊस है जिनकी कमी अत्यधिक पसीना निकलने से हो जाती है। इसके अलावा, यह व्यायाम के दौरान होने वाले चोट से तो बचाता ही है साथ ही पानी की कमी से होने वाले रोगों से भी हमारी रक्षा करता है। अब सवाल यह उठता है कि आईसोटॉनिक ड्रिंक है क्या और कैसे यह पानी की कमी की भरपायी करता है? चलिए जवाब ढूंढते हैं!

आईसोटॉनिक एनर्जी ड्रिंक क्या है?

आईसोटॉनिक ड्रिंक एक एनर्जी ड्रिंक है जो पानी, कार्बोहाईड्रेट्स और एलेक्ट्रोलाइट्स का घोल होता है। ऐसे ड्रिंक्स में कार्बोहाईड्रेट्स की मात्रा अत्यधिक होती है समान्यत: जिसके श्रोत- सुक्रोज़, फ्रक्टोज़ और ग्लूकोज़ होते हैं।

आईसोटॉनिक एनर्जी ड्रिंक

एक आईसोटॉनिक रिहाईड्रेशन फॉर्मूला कैसे काम करता है?

वह लोग जो सघनरूप से शारीरिक गतिविधि जैसे कि- वेट ट्रेनिंग, साईक्लिंग, खेल आदि से जुड़े हुए हैं वे प्राय: कमज़ोरी महसूस करते हैं जो की ज्यादातर मामलों में मसल्स कार्बोहाईड्रेट्स की कमी की वजह से होता है। आईसोटॉनिक ड्रिंक शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा को लंबे समय तक बनाए रखता है जिसकी वजह से आप शारीरीक गतिविधि ज्यादा देर तक कर सकते हैं। जब आप अपने मसल्स को आईसोटॉनिक ड्रिंक देना शुरू करते हैं, तब थकावट आपसे दूर जाने लगती है और आपका प्रदर्शन भी 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

आईसोटॉनिक ड्रिंक के स्वास्थ्य लाभ

ऐसे ड्रिंक्स को स्वास्थ्य लाभ के पॉवरहाऊस के रूप में देखा जाता है, आईसोटॉनिक ड्रिंक में ऐसे पौष्टिक गुण होते है जो बाजार में उपलब्ध दूसरे ड्रिंक्स से इसे अलग करते है। आईसोटॉनिक स्पोर्ट ड्रिंक से होने वाले कुछ प्रमुख स्वास्थ्य लाभों का वर्णन निम्न है-

इलेक्ट्रॉलाईट्स

इलेक्ट्रोलाईट्स जरूरी मिनरल्स है जो कि शरीर के सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराईड, बाईकार्बोनेट, फास्फेट और सल्फेट सेल्स के एसिड-बेस बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है। 1998 में नीदरलैंड के “इंटरनेशनल जर्नल ऑफ स्पोर्टस मेडीसिन,” में प्रकाशित एक अध्ययन में कैफिनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, एक लो-सोडियम मिनरल वाटर और एक आईसोटॉनिक कार्बोहाईड्रेट-इलेक्ट्रोलाइट घोल से प्रसिद्ध साईक्लिस्ट पर होने वाले प्रभावों की तुलना की गई। जिन साइक्लिस्ट को आईसोटॉनिक ड्रिंक दिया गया था उनमें सोडियम, मैग्नेशियम और कैलशियम की मात्रा दूसरों से अधिक थी। इस प्रकार यह पेशाब और पसीने से होन वाली पानी की कमी को पूरा करने के लिए प्रयाप्त है।

आईसोटॉनिक स्पोर्ट ड्रिंक

ग्लूकोज़

कार्बोहाईड्रेट्स ग्लाईकोजेन जो ग्लूकोज़ में तब्दील होकर आपके लीवर/मसल्स में जमा हो जाता है और इसे बर्न होने के लिए वसा और प्रोटीन की तुलना में कम ऑक्सिजन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, एक टिपिकल पुरूष एथलीट के लिवर में 90 ग्राम और मसल्स में 400 ग्राम ग्लाईकोजेन की मात्रा मौजूद रहती है। कठिन व्यायम के दौरान, कार्बोहाईड्रेट की मात्रा एक मिनट में 3 से 4 ग्राम की दर से कम हो सकती है। इस स्थिति में आप 2 या इससे अधिक घंटे तक व्यायम नहीं कर पाएंगे और आपका शरीर पौष्टिक तत्व के अभाव में अत्यधिक थक जाएगा। समान्यत: कठिन व्यायाम के बाद शरीर में जरूरी तत्वों की भरपायी में 24 से 48 घंटे का समय लगता है लेकिन आप आईसोटॉनिक ड्रिंक की साहयता से ग्लाईकोजेन बैलेंस तुरंत बना सकते हैं।

हाईड्रेशन

व्यायम के दौरान जब पसीना निकलता है तब पानी पीना तार्किक तो है पर इससे ब्लोटिंग होने का खतरा बना होता है साथ ही इसमें कार्बोहाईड्रेट और इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद नहीं होते है। कार्बोहाईड्रेट की मात्रा जितनी अधिक होती है पेट खाली होने की दर उतनी ही धीमि होती है। आईसोटॉनिक ड्रिंक्स पानी की ही दर से पेट से बाहर निकलता है लेकिन इस केस में पेशाब कम आती है और शरीर में जरूरी द्रवित तत्वों को बनाए रखने में मदद होती है जिससे डी-हाईड्रेशन होने की संभावना भी कम होती है।

आईसोटॉनिक ड्रिंक्स

एंड्योरेंस

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के रिसर्चर्स ने आईसोटॉनिक स्पोर्ट ड्रिंक के युवा एथलीट्स पर व्यायाम के दौरान होने वाले प्रभावों को मापा। ये एथलीट्स खेल के पहले और खेल के दौरान ड्रिंक पीए थें। इसके परिणाम, जो 1990 के “यूरोपियन जर्नल ऑफ अपलाईड फिजियोलॉजी” में प्रकाशित हुआ था, में पाया गया कि आईसोटॉनिक हाईड्रेशन से एथलीट्स को उनकी तुलना में जिन्होने प्लेसबो सोल्युशन का सेवन किए थां, हाई इंटेनसिटी बनाए रखने में ज्यदा मदद मिली और स्टॉप-स्टार्ट एक्टीविटी में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हुयी।

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