Diet & Nutrition 1 MIN READ 53 VIEWS August 3, 2022

तीन तरह के जूस जो कंट्रोल करेंगे थायराइड बीमारी को

Written By HealthKart

थायराइड बीमारी

आज के समय में तमाम लोगों को कई तरह की दुशवारियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर कम खाने के बावजूद आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है और तेजी से बाल झड़ने की परेशानी भी हो रही है, तो हो सकता है कि आपको थायराइड बीमारी ने अपने शिकंजे में ले लिया है। पुरुषों से मुकाबले महिलाओं में थाइराइड की समस्या लगभग 10 गुना अधिक होती है। 

एक रिसर्च के अनुसार कोरोना के साइड इफेक्ट ने थाइराइड की इस परेशानी को और भी ज़्यादा बढ़ा दिया है। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना से ठीक होने के बाद भी आपको अगर गले में दर्द रहता है और खाना खाने में भी मुश्किल होती है तो ये थायराइड के लक्षण हो सकते हैं। खास बात ये है कि जिन लोगों पर ये रिसर्च की गई है उनमें कोरोना से पहले थायराइड का कोई लक्षण नहीं था।

थायरॉयड ग्लैंड एक छोटा सा ऑर्गन है जो गर्दन के सामने होता है और विंडपाइप के चारों ओर लिपटा रहता है। थायराइड एक ग्लैंड है और हर ग्लैंडस की तरह ये भी हार्मोन बनाता है जो शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करता है। जब भी थायरॉयड अपना काम ठीक से नहीं करता है तो फिर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। अगर शरीर में बहुत अधिक थायराइड हार्मोन बनता है तो बॉडी की इस स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहते हैं। यदि शरीर बहुत कम थायराइड हार्मोन बनाता है तो इसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। ये दोनों ही स्थितियां गंभीर होती हैं और इसके लिए इलाज की आवश्यकता होती है। 

थायराइड का काम 

थायरॉयड का शरीर में एक महत्वपूर्ण काम है मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने वाले थायराइड हार्मोन को रिलीज़ और कंट्रोल करना। मेटाबोलिज्म  एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर जो भोजन लेता है वह ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है। इस ऊर्जा का उपयोग शरीर में कई प्रणालियों को सही ढंग से काम करने के लिए होता है। इसको बस यूँ समझिये कि मेटाबोलिज्म रॉ एनर्जी लेता है और इसका उपयोग शक्ति देने के लिए करता है।

थायराइड टी3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन और टी4 यानी थायरॉक्सिन हार्मोन का निर्माण करता है। ये हार्मोन दिल की धड़कन, सांस, पाचन तंत्र, शरीर का तापमान, हड्डियों, मांसपेशियों और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। जब इन दोनों हार्मोन में असंतुलन होता है तो उसे थायराइड की समस्या कहते हैं। जब थायरॉयड ठीक से काम करता है तो यह मेटाबोलिज्म को सही तरह से काम करने के लिए सही मात्रा में हार्मोन बनाए रखता है। यह सब पिट्यूटरी ग्लैंड नियंत्रित करती है। जब पिट्यूटरी ग्लैंड को शरीर में थायराइड हार्मोनस  की कमी या उच्च स्तर के हार्मोन का पता चलता है तो यह उसको अपने हार्मोन के साथ एडजेस्ट कर लेती है। इस हार्मोन को थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) कहते हैं।  

थायराइड के प्रकार

थायराइड 2 तरह का होता है।

एक हाइपरथायराइड होता है जिसमें तेजी से वजन बढ़ता है। इसके लक्षणों की बात करें तो वजन तेजी से बढ़ना, गर्दन में सूजन, हमेशा थकान रहना , गुस्सा आना, स्किन ड्राई होना , ठंड लगना और डिप्रेशन होना शामिल है।

दूसरा हाइपोथायराइड होता है जिसमें वजन तेजी से गिरता जाता है। इसके लक्षणों की बात करें तो वजन घटना, तेज धड़कन , कमजोरी, बालों का झड़ना, पसीना ज्यादा आना आदि शामिल हैं। 

महिलाओं में थायराइड के लक्षण 

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में थायराइड बीमारी अधिक पाई जाती है। महिलाओं में थायराइड कई कारणों से होता है। हार्मोनल असंतुलन, तनाव, शरीर में आयोडीन की कमी, वायरल इन्फेक्शन आदि के कारण महिलाओं में कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। थायराइड भी उन्हीं में से एक है। महिलाओं में थायराइड के शुरुआती लक्षणों में थायराइड ग्लैंड में सूजन हो जाती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी महिलाओं में ऐसे ही लक्षण दिखाई दें। 

अंडरएक्टिव थायराइड (हाइपोथायरॉइडिज्म) के महिलाओं में  निम्न लक्षण हो सकते हैं :- 

1. स्किन सूखना 

2. कब्ज की शिकायत होना

3. थकन महसूस होना

4. बार-बार मेंसेस होना

5. वजन बढ़ना

6. आवाज कर्कश होना

7. कमजोरी महसूस होना 

8. ब्लड कोलेस्टेरोल का लेवल बढ़ना

9. मांसपेशियों में दर्द होना

10. डिप्रेशन होना

ओवरएक्टिव थायराइड (हाइपरथायरॉइडिज्म) के महिलाओं में  निम्न लक्षण हो सकते हैं :- 

1. वजन कम होना

2. आंखों में जलन होना

3. चिड़चिड़ापन होना

4. ठीक से नींद नहीं आना

5. मेंसेस का अनियमित होना या पूरी तरह रुक जाना

6. थायराइड ग्लैंड का आकार बढ़ना

7. घबराहट होना

8. मांसपेशियों में कमजोरी और कंपकंपी होना

9. तनाव महसूस होना

पुरुषों में थायराइड बीमारी के लक्षण 

पुरुषों में अगर मोटापा तेज़ी से बढ़ रहा है तो उन्हें अपना थायराइड टेस्ट करवाना चाहिए। ये थायराइड के प्रमुख लक्षणों में से एक है जो मेटाबोलिज्म ठीक रखने वाले थायराइड हार्मोन्स की अनियमिता के कारण होता है। 

1. बेवजह चिढ़ना और मूड स्विंग्स होना 

2. पैरों में दर्द रहना

3. गंजापन या तेज़ी से बाल झड़ना 

4. हड्डियां का कमजोर होना

5. हार्ट बीट धीमी होना 

6. मुंह और शरीर में सूजन होना 

7. खराब सेक्सुअल हेल्थ और इरेक्टाइल डिसफंक्शन होना 

क्यों होता है थायराइड ?

1. गलत लाइफस्टाइल के कारण

2. खाने में आयोडीन कम या ज्यादा होने से

3. ज्यादा चिंता करने से

4. हेरेडिटरी

5. गलत खानपान और देर रात तक जागने से

6. डिप्रेशन की दवा लेने से 

7. डायबिटीज की वजह से

थायराइड बीमारी से बचाव के कुछ तरीके

यहाँ हम आपको थायराइड से बचने के कुछ तरीके बता रहे हैं। इनको अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में शामिल करके आप थायराइड से बच सकते हैं। 

1. रोजाना योग जरूर करें

2. वर्कआउट भी रेगुलर करें

3. सुबह एप्पल विनेगर का जूस पियें 

4. रात में हल्दी मिला के दूध पियें 

5. थोड़ी देर धूप में बैठें 

6. नारियल तेल में पका खाना खाएं 

7. 7 घंटे की नींद जरूर पूरी करें 

थायराइड में क्या खाएं 

थायराइड में अलसी और उसका तेल, नारियल और नारियल का पानी, दालचीनी, मुलेठी, मशरूम, धनिया, हल्दी का दूध, त्रिफला चूर्ण और टमाटर इत्यादि का सेवन करना चाहिए। थायराइड में ये सारी चीज़ें फायदा करती हैं। 

थायराइड में क्या ना खाएं

थायराइड में चीनी, सफेद चावल, केक, कुकीज़, ऑयली फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स, अधिक मसालेदार खाने से परहेज़ करें। इनके अलावा मैदे वाली चीज़ों से भी बचना चाहिए। चाय-कॉफी कम से कम पीएं और मलाई या मिठाई का सेवन भी कम करें। चावल और सफेद नमक का परहेज़ भी थायराइड में ज़रूरी है। 

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए तीन तरह के जूस

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए दवाओं के बजाय आप इसको नैचुरली भी कंट्रोल कर सकते हैं। आप जूस का सेवन कर सकते हैं जो इसमें रामबाण का काम करता है। इसको पीने से थायराइड कंट्रोल रहेगा। तो चलिए जानते हैं वो कौन से ऐसे जूसेज हैं जिससे थाइरोइड कण्ट्रोल हो सकता है।  

1. चुकंदर,गाजर का मिक्स जूस 

चुकंदर और गाजर का मिक्स जूस थायराइड की बीमारी में बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप एक एक गाजर और चुकंदर के छोटे छोटे टुकड़े कर लें। हाँ, इसके साथ में आप एक अनार और सेब के भी छोटे छोटे टुकड़े करके इसका जूस निकल लें। इस जूस को पीने से खून बढ़ता है और शरीर में आयरन की कमी नहीं होती। इसको पीने से थायराइड भी नार्मल रहता है। 

2. लौकी का जूस

क्या आपको यक़ीन आएगा कि लौकी का जूस थायराइड के लिए बहुत लाभदायक होता है? जी हाँ, ये बात सही है कि लौकी का जूस थाइरॉइड में फायदा करता है। अगर आप सुबह सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीते हैं तो उससे थायराइड कम होने लगता है और साथ ही लौकी का जूस पीने से आपकी एनर्जी भी बढ़ती है। 

3. जलकुंभी का जूस

जलकुंभी भी थायरॉइड में बहुत फायदे की होती है। इसका भी जूस थायराइड को कम करने या उसे कंट्रोल करने के लिए आप पी सकते हैं। इसके जूस को बनाने के लिए आप दो कप जलकुंभी के पत्ते और साथ में 2 सेब लें। इनको सफाई से धोकर काट लें। इन दोनों को मिक्सर ग्राइंडर में अच्छी तरह से पीस कर इसमें 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पियें। इसको पीने से धीरे धीरे थायराइड कम होगा और आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा। 

कन्क्लूज़न 

थाइराइड एक ऐसी बीमारी है जो ज़्यादातर आपकी लाइफ स्टाइल, खाने पीने में अनियमितता और अच्छी नींद ना होने के कारण तेज़ी से बढ़ रही है। इसको कंट्रोल करने के घरेलू उपाय भी हैं और इसकी रोकथाम के दूसरे साधन भी, लेकिन ये तभी काबू में आती है जब इन सारी बातों को गंभीरता से लिया जाये। जीवन कोई खेल नहीं है। ये छोटी छोटी सी चीज़ें आपकी जिंदगी को पटरी से उतार सकती हैं। थाइराइड की बीमारी या ऐसी तमाम बीमारियों से बचने के लिए आपको अपने लिए ना सही कम से कम अपने परिवार और बच्चों के लिए तो सोचना ही चाहिए। आपका परिवार भी यही चाहता है और हम भी कि आप हमेशा स्वस्थ रहें। आखिर आप भी तो हमारा ही परिवार हैं। 

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