Miscellaneous 1 MIN READ 136 VIEWS December 5, 2022

पाचन तंत्र मज़बूत करने के लिए योग

Written By HealthKart

Yoga for anxiety and stress

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन का स्वस्थ होना और उसका अच्छी तरह डाइजेस्ट होना जरूरी है। इसके लिए आपको अपनी खाने की आदतें और दिनचर्या दोनों ही बदलनी पड़ सकती हैं। आपकी ग़लत खाने की आदतें ही पाचन शक्ति को कमज़ोर करती हैं। अगर आप अपनी खाने की आदतों में सुधार नहीं करते हैं तो आप अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ और मज़बूत नहीं बना सकते। आप पाचन तंत्र को सुधारने और मज़बूत बनाने के लिए कुछ योग शक्ति यानी योग आसन का सहारा भी ले सकते हैं। पाचन तंत्र मज़बूत करने के लिए योग आपको पूरा सहयोग करेगा। आज हम आपको ऐसे ही कुछ आसन और योग शक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको करके आप अपने पाचन तंत्र को मज़बूत बना सकते हैं।  

पाचन तंत्र मज़बूत करने के लिए योग 

पाचन तंत्र को मज़बूत करने के लिए योग करना अच्छा होता है। इससे पाचन शक्ति ठीक होती है और इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते बशर्ते आपने योग की प्रक्रिया ठीक प्रकार से की हो। योग करने से बहुत ही नेचुरल तरीके से आपका पाचन तंत्र अपनी पुरानी स्थिति में आ जायेगा। लेकिन याद रहे, योग आपको हर दिन करना होगा। इससे पाचन तंत्र के कार्य सुचारु रूप से होने लगेंगे और आपकी पाचन शक्ति भी मज़बूत होगी। तो चलिए जानते हैं उस योग शक्ति के बारे में जिससे आपका पाचन तंत्र ठीक हो जाये बल्कि पहले से भी बेहतर हो जाये। 

1. उष्ट्रासन 

योग सभी के लिए स्वस्थ रहने का अचूक मन्त्र है। चूँकि योग की शुरुवात हमारे देश से हुई इसलिए योग शक्ति भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। तमाम योगाचार्यों ने शरीर के अलग-अलग अंगों को स्वस्थ रखने के लिए ना जाने कितने तरह के आसनों के बारे में आपको जानकारियां उपलब्ध कराई हैं। आज की दौड़ भाग वाली ज़िन्दगी में लगभग हर एक आदमी तनावग्रस्त है। 

ऐसे में उष्ट्रासन एक ऐसा आसन है जो आपको कई तरह के रोगों से मुक्त रख सकता है। उष्ट्रासन करने में शरीर ऊंट की तरह का दिखाई देता है। अंग्रेजी में इस आसन को कैमल पोज़ कहते हैं। जिस तरह ऊंट रेगिस्तान में मुश्किलों का सामना आसानी से करता है ठीक उसी तरह अगर आप इस आसन को करते हैं तो ये आपकी हर शारीरिक और मानसिक परेशानी को दूर कर सकता है और आपको स्वस्थ ज़िन्दगी गुज़ारने में सहायक हो सकता है। लेकिन आपको इसे रोज़ाना करना पड़ेगा। उष्ट्रासन आपकी पाचन से जुड़ी तमाम समस्याओं का समाधान भी कर सकता है। इस आसन को करने से आपके पेट के सभी अंगों की मालिश हो जाती है। उष्ट्रासन करने से सीने और पेट के निचले हिस्से में जमी अतिरिक्त चर्बी कम होती है। 

2. अर्ध मत्स्येन्द्रासन 

अर्ध मत्स्येन्द्रासन संस्कृत भाषा का शब्द है। ये अर्ध, मत्स्य, इन्द्र और आसन से मिलकर बना है। जहां अर्ध का मतलब आधा, मत्स्य का अर्थ है मीन या मछली, इन्द्र का अर्थ है राजा और आसन का मतलब मुद्रा है। इस आसन को वक्रासन भी कहा जाता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन अन्य आसनों की तरह बहुत आसान नहीं है। इसलिए शुरुआत मे आपको किसी योगा एक्सपर्ट की देखरेख में इसको करना चाहिए। अर्ध मत्स्येन्द्रासन एक ऐसा आसन है जिसको करके आप अपनी पाचन क्रिया को बेहतर बना सकते हैं। 

प्रतिदिन सुबह इस आसन का अभ्यास करने से शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और पाचन क्रिया मज़बूत होती है। इस आसन को करने से भोजन बहुत आसानी से पच जाता है और कब्ज या शरीर में भारीपन की समस्या महसूस नहीं होती। इससे किडनी, लिवर, हृदय और स्प्लीन ठीक रहते हैं और अपना कार्य सुचारू रूप से करते हैं। इससे शरीर में तमाम तरह के रोगों से सुरक्षा होती है। इस आसन से शरीर अधिक सक्रिय रहता है और भूख भी खूब लगती है। इस आसन को करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे समूचा पाचन तंत्र मज़बूत होता है। 

3. त्रिकोणासन 

त्रिकोणासन, हठ योग की श्रेणी का एक आसन है। यह दो शब्दों त्रिकोण और आसन से मिल कर बना है। त्रिकोणासन करने पर शरीर त्रिकोण जैसी मुद्रा में आ जाता है, इस कारण से इसे त्रिकोणासन कहते हैं। इस आसन से शरीर के कई अंगों को लाभ पहुँचता है। ये योगासन पाचन क्रिया को ठीक करने में भी मदद कर सकता है। त्रिकोणासन उन आसनों में शामिल है जो शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को अब्ज़ॉर्ब करने में सहायक हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार नियमित योग का अभ्यास पाचन में मदद करने के साथ-साथ डाइजेस्टिव ग्लैंड को भी फायदा पहुंचाने में सहायक हो सकता है। इसलिए ये कहा जा सकता है कि त्रिकोणासन पाचन तंत्र को मज़बूत बनाकर जरूरी न्यूट्रिएंट्स को अब्ज़ॉर्ब करने में बहुत उपयोगी होता है।    

4. पवनमुक्तासन 

पवनमुक्तासन एक ऐसा आसन है जो पेट की समस्या दूर करने के लिए किया जाता है। अगर आपको गैस और कब्ज की शिकायत है तो इस आसन को करने से ये शिकायत दूर हो सकती है। ये आसन जुकाम को ठीक करने में भी फायदा करता है। इस आसन को करने से वजन में भी कमी आती है। हालाँकि पवनमुक्तासन सबसे ज़्यादा गैस और पेट की बीमारियों को दूर करने में कारगर होता है। इसको करने से पाचन शक्ति में सुधार होता है। साथ ही यह आपके पेट की मांसपेशियों को भी मज़बूत बनाने में सहायक हो सकता है। पवन मुक्त आसन पेट की बढ़ी हुई चर्बी को कम करने में भी मदद करता है। इस आसन से स्पाइनल कॉर्ड और कमर के निचले हिस्से का तनाव दूर होता है।  

5. पश्चिमोत्तानासन   

पश्चिमोत्तानासन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, पश्चिम और उत्तान। यहां पश्चिम का अर्थ पश्चिम दिशा से नहीं बल्कि शरीर के पिछले भाग से है और उत्तान का मतलब है खिंचा हुआ यानी उत्तेजित। अगर आप रीढ़ की हड्डी के दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको अपने डेली रूटीन में पश्चिमोत्तानासन योग को शामिल करना चाहिए। पश्चिमोत्तानासन करने से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव पैदा होता है और इसी वजह से इसको पश्चिमोत्तानासन कहते हैं। वैसे तो पश्चिमोत्तानासन करने से सिर और गर्दन की मांसपेशियों खींचती हैं। यही कारण है कि इस आसन को करने से आपका तनाव, चिंता और दिमाग़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इससे आपको क्रोध और चिड़चिड़ेपन को काबू करने में भी मदद मिलती है। 

यही नहीं इसका फायदा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी होता है। अगर आपकी पाचन शक्ति कमज़ोर है तो आपको पश्चिमोत्तानासन करना चाहिए। इससे आपकी पाचन क्रिया बेहतर होगी, भोजन हज़म होगा, आपकी कब्ज और खट्टी डकार की परेशानी भी दूर हो जाएगी। पश्चिमोत्तानासन करते समय पेट की मांसपेशियां खिंचती हैं। इससे आपके पेट और उसके आसपास जमी चर्बी से भी आपको राहत मिल जाएगी। इसलिए पश्चिमोत्तानासन आपके लिए अच्छा और फायदेमंद हो सकता है। आप चाहें तो इस आसन को प्रतिदिन कर सकते हैं।    

कन्क्लूज़न  

तो देखा आपने योग का कमाल। दरअसल योग में हर तरह की बीमारी का इलाज मौजूद है। हर योग के अपने अपने फायदे हैं। सभी को स्वस्थ रहने के लिए योग अवश्य करना चाहिए। आयर्वेद के अनुसार स्वस्थ पाचन तंत्र ही अच्छी सेहत की पहचान है। अगर पाचन तंत्र खराब हो जाये तो ना जाने कितनी बीमारियां आपको घेर लेती हैं। इसलिए आपको अपने पाचन तंत्र की अच्छी देख भाल करनी चाहिए और उसको स्वस्थ रखना चाहिए। अगर आपकी पाचन शक्ति अच्छी है तो कोई भी बीमारी आपके पास नहीं आ सकती। बस आपको पाचन तंत्र मज़बूत करने के लिए योग करना पड़ेगा। अपना और अपने परिवार का ख्याल राखिगा।

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